भाजपा उत्तर पूर्व में ये दो महत्त्वपूर्ण राज्य जीतने को पूरी तरह तैयार दिखती है

उत्तर पूर्व

“आज, हम मिजोरम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर 60 मेगावाट तुईरियाल (Tuirial) हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट के पूरे होने और राज्य के लिए आज से समर्पित होने का समारोह मना रहे हैं”, प्रधानमंत्री मोदी ने आईजोल में तुईरियाल हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट के उद्घाटन के दौरान अपने भाषण में कहा

इससे पहले कि भारत के लोग गुजरात और हिमाचल प्रदेश के चुनाव परिणामों से अवगत हो पाते, उससे पहले ही मोदी और भाजपा ने पूर्वोत्तर भारत में आगामी चुनावों के लिए अपनी रणनीतियों की तैयारी शुरू कर दी थी। उत्तर पूर्वी क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को विकसित करने के उद्देश्य से विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करने के लिए मोदी जी मिजोरम और मेघालय राज्यों के दौरे पर (प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार) गए। 16 दिसंबर 2017 को मिजोरम के आइजोल में तुईरियाल हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी राज्य चुनावों में भाजपा के लिए आम जनता से एकीकृत समर्थन की मांग की। हाईड्रोपॉवर प्रोजेक्ट जो 251 मिलियन यूनिट विद्युत ऊर्जा का उत्पादन करते हुए मिजोरम को उत्तर-पूर्व में बिजली की अधिकता वाला तीसरा राज्य बनाएगा।

उत्तर पूर्व के लिए प्रधानमंत्री मोदी का स्नेह (लगाव):

10 साल के बच्चे की तरह उत्साह से भरपूर, 25 साल के वयस्क की भांति ऊर्जावान और कांग्रेस मुक्त भारत की तलाश में अपने अंदाज़ में दहाड़ते हुए उत्तर पूर्व के लोगों के दिलों में जगह बनाते एक 67 साल के व्यक्ति को देखना अति प्रेरणादायक था। पूर्वोत्तर के लोगों के बीच भाजपा का सन्देश बिलकुल साफ़ और स्पष्ट था कि भाजपा को वोट दें – बेहतर भारत के लिए वोट दें। पिछली सरकारों द्वारा उत्तर पूर्व के लोगों को एकजुट करके उन्हें मुख्य धारा में लाने की अक्षमता के कारण पूर्वोत्तर राज्यों को बहुत अधिक लम्बे समय से नुकसान झेलना पड़ा।

मोदी जी ने मिजोरम के क्षेत्रीय निवासियों से इस बार कांग्रेस को वोट न देने की गुहार लगाई है। जो पिछले 10 वर्षों से विभिन्न भ्रष्टाचार के आरोपों के साथ सत्ता विरोधी आवाज का सामना कर रही है और उन्होंने मिजोरम के लोगों से असम, मणिपुर और अरुणाचल प्रदेश के लोगों की तरह ही भाजपा को वोट देने की अपील भी की है। वर्तमान राज्य सरकार से निराश नागरिकों ने प्रधान मंत्री मोदी की ‘एक बेहतर भारत के लिए बेहतर उत्तर पूर्व’ की अपील पर समान उत्साह के साथ प्रतिक्रिया व्यक्त की है।

रोडमैप:

असम में भाजपा की भारी जीत के साथ, भाजपा पूर्वोत्तर के राज्यों में हस्तक्षेप करने में कामयाब रही, जो उस समय तक कांग्रेस का गढ़ था। लेकिन मिजोरम और मेघालय में भाजपा को जीतना उतना आसान नहीं होगा जितना कि देश के हिन्दीभाषी राज्यों में जीत हासिल करना आसान है। इस बात को ध्यान में रखना होगा कि इन राज्यों में ज्यादातर जनसंख्या अब ईसाई धर्म में परिवर्तित हो गई है। हालांकि यह अपने आप में एक मुद्दा नहीं है, बीजेपी और राष्ट्रवादी ताकतों के खिलाफ चर्चों का विरोधी रवैया मोदी और शाह के लिए एक कड़ी चुनौती के रूप में काम कर सकता है।

भारत के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने भाषण के दौरान रोडमैप को उल्लिखित किया था कि अगर भाजपा को सत्ता में लाने के लिए मतदान किया गया तो भाजपा इस मुद्दे पर गंम्भीरता से कार्य करेगी। भारत में यातायात की बढ़ती समस्या को आसानी से हल करने के लिए इसके बुनियादी ढांचे की स्थापना करना, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नरेन्द्र मोदी ने मात्र सही और गंभीर मुद्दों पर ही अपना ध्यान केंद्रित किया है और इन मुद्दों के निवारण के लिए जल्द-से जल्द सख्त कदम उठाने पर भी जोर दिया है। नरेन्द्र मोदी ने अपनी जानी पहचानी शैली में मुख्य लक्ष्यों को निर्धारित किया, जो अंततः उत्तर-पूर्वी राज्यों को भारत का पर्यटक केंद्र बनाने के लिए प्रेरित करेगा और इस प्रक्रिया को गति प्रदान करने का एकमात्र उत्प्रेरक आगामी राज्य चुनावों में भाजपा के लिए भारी जनादेश है।

2018, उत्तर पूर्वी राज्यों जैसे कि मिजोरम, मेघालय और त्रिपुरा के लिए एक बड़ा वर्ष साबित होगा, क्योंकि 2018 में इन सभी राज्यों में चुनाव होने वाले हैं। इन तीन राज्यों में से दो राज्य मिजोरम और मेघालय, उन 4 राज्यों का हिस्सा हैं, जहाँ कांग्रेस अभी सत्ता में है। अगर हम 2018 की बात करें तो भाजपा को कर्नाटक के साथ-साथ इन दोनों राज्यों मे भी जीत हासिल करने की पूरी उम्मीद होगी, ताकि कांग्रेस की सत्ता केवल एक राज्य पंजाब तक ही सिमट कर रह जाए।

यदि सब कुछ योजना के मुताबिक होता है तो वह समय ज्यादा दूर नहीं है जब भाजपा, भारत देश के 29 राज्यों में से 22 राज्यों में अपनी सरकार बना लेगी और अगर ऐसा होता है तो यह हो सकता है कि 2019 में होने वाले चुनावों में भाजपा को जनता का भरपूर समर्थन प्राप्त हो।

निष्कर्ष –

मिजोरम और मेघालय उन 4 राज्यों में दो ऐसे राज्य हैं जहाँ कांग्रेस की सरकार है अर्थात ये दोनों राज्य कांग्रेस के मुकुट में जड़े हुए 4 हीरों में से दो हीरे हैं और उन दोनों राज्यों मिजोरम और मेघालय में अपने प्रतिद्वंद्वियों के समक्ष हार जाना, कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़े झटके के समान होगा। गुजरात और हिमाचल प्रदेश में चुनाव हारने के बावजूद भी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए राहुल गांधी के पदोन्नत होने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा दी गई प्रतिक्रिया के आधार पर, ऐसा लगता है कि मिजोरम के लोगों ने अपनी ओर से असम, अरुणाचल, मणिपुर और नागालैंड जैसे राज्यों का अनुसरण करने का मन बना लिया है।

लोग गतिशीलता में बदलाव को पहचानते हैं क्योंकि केंद्र में भाजपा सत्ता में है और राज्यों में निवेश, पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा उत्तर पूर्वी राज्यों के विकास के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे है।

भाजपा ने चुनावों को भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट मैच की तरह दिलचस्प बना दिया है, जिसमें प्रत्येक और हर चुनाव का नागरिकों द्वारा बड़ी उत्सुकता के साथ अनुसरण किया जाता है। मीडिया संगठन जिनको अब तक उत्तर पूर्वी राज्यों में केवल धातु सम्मेलन और फुटबॉल मैचों को कवर करते हुए देखा गया है, अब उन मीडिया संगठनों ने लोगों की समस्याओं को उजागर करने के लिए सक्रिय रूप से क्षेत्रों को कवर करना शुरू कर दिया है। यह तो पता नहीं कि वे भाजपा के पक्ष में हैं या नहीं, लेकिन कवरेज की यह बढ़ोत्तरी और दी जा रही प्रमुखता से उत्तर पूर्व भारत सामने उभर कर आ रहा है और भारत को क्या चाहिए कि उसकी विविधता दुनिया के सामने उजागर हो जाए।

पूरी तरह से लेख से संबंधित एक समाचार, अरुणाचल प्रदेश में हुए उपचुनावों में भाजपा ने कांग्रेस से दो सीटें जीत लीं हैं और उत्तर पूर्व, भारत में भाजपा सरकार बनाने जा रही है।

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