मीडिया द्वारा फैलाये गए पांच बड़े झूठ का हुआ पर्दाफाश

2019 के आम चुनाव को बस एक साल का वक्त रह गया है ऐसे में सरकार समेत विपक्ष भी अपने तैयारी में जुट गया है। पक्ष विपक्ष अपनी अपनी चालें चलने लगे है। जहाँ एक ओर मोदी सरकार कुछ कड़े कदम उठाकर देश की जनता का विश्वास जितने में सफल रही वहीँ विपक्ष गुजरात में अपनी जातिवाद राजनीती में कुछ हद तक सफल होता दिखाई दिया। अब कुछ विपक्षी पार्टियाँ सरकार के विकास के खिलाफ एक माहौल बनाने की कोशिश करेगी जिसमें कुछ सरकार के कुछ नए नकारात्मक फैसले की अफवाएं उडाई जाएगी जिससे जनता में सरकार के प्रति अविश्वास पैदा किया जा सकें। इसमें विपक्षी पार्टियाँ ही नहीं मीडिया भी पूरी तरह शामिल हो चूका है। हर विपक्षी दल अपने सोशल मीडिया टीम को इसके लिए तैनात कर चूका है राजनितिक बिसात बिछी जा चुकी है बस अब चुनाव का आगाज होना बाकी है।

ऐसे ही कुछ अफवाएं जो सोशल मीडिया समेत मीडिया में छाये हुए है जिसके दम पर आम आदमी में एक अविश्वास पैदा किया जा रहा है और सरकार के प्रती नकारात्मकता फैलाई जा रही है। जिसका फायदा विपक्षी पार्टियाँ आने वाले चुनावों में लेना चाहेगी। हम आपको ऐसी ही कुछ बड़े अफवाहों की पोल खोलने वाली जानकारी देंगे जिससे आप ऐसी अफवाहों से खुद को और औरों को भी दूर रख पाएंगे।

यह है पांच प्रमुख झूठ जो सोशल मीडिया समेत बड़े नामी मीडिया भी धड़ल्ले से फैला रहे है जिससे जनता को सावधान रहने की जरूरत है :

झूठ नंबर १

 अफवाह : मोदी सरकार का रेलवे मंत्रालय त्योहारों पर रेल किराया बढानें की तैयारी कर रहा है। आने वाले त्योहारों पर रेल किराये में इजाफा किया जाएगा और जनता पर इसका बोझ डाला जायेगा।

सच : भारतीय रेलवे ने इस विषय पर साफ़ कर दिया है रेलवे या भारत सरकार का रेल मंत्रालय किसी तरीके के किराया बढानें के मूड में नहीं है। सरकार का आने वाले समय में रेल किराये में बढ़ोतरी करने का कोई प्लान नहीं। किराया बढ़ाने जैसी अफवाह आज तक जैसे न्यूज चैनल ने अपने चैनल पर सबसे पहले दिखाया है।

झूठ नंबर २

अफवाह : सरकार एक और नोटबंदी के मूड में है। जल्द हो सकती है 2000 और 500 की नोट बंद हो सकती है और सरकार इसकी तैयारी में है। इसीलिए सरकार ने 2000 की नोटों की छपाई पूर्णता बंद कर दी है।

सच : दूसरी बार नोटबंदी करने को लेकर सरकार के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने खुद साफ कर दिया है की सरकार ऐसी कोई नोटबंदी नहीं करना चाहती है। उन्होंने यह भी साफ़ किया है की 2000 की नोट वापस लेने और बंद करने की खबर पूरी तरह झूठी है।

ज्ञात हो की सरकार ने 2016 में नोटबंदी जैसे कड़क फैसले लिए थे जिससे जनता को भरी परेशानी का सामना करना पड़ा था। विपक्ष ने नोटबंदी के इस फैसले को लेकर सरकार को अड़े हाथो लिया था और इसे अनोकों चुनाव में खूब भुनाया था लेकिन चुनावों के नतीजों ने साफ़ कर दिया है की जनता नोटबंदी जैसे देश हित में लिए गए कड़े फैसलों में सरकार के साथ है और इसी फैसलों के भरोसे बीजेपी ने उत्तर प्रदेश जैसे महत्वपूर्ण राज्य के विधानसभा हुनाव में प्रचंड जीत दर्ज कराई थी। लेकिन एक बार फिर नोटबंदी जैसी अफवाह फैला कर विपक्ष जनता को गुमराह करना चाहती है।

झूठ नंबर ३

अफवाह : सरकार जल्दी ही बैंकों के हर तरह के ट्रांजेक्शन पर टैक्स या चार्ज करने जा रही है। चाहे वो चेक बुक हो या छोटी मोटी मुफ्त की सर्विसेस जैसे पासबुक अपडेट करना हो या एड्रेस या मोबाइल नंबर चेंज करने जैसी सुविधाओं पर अब सरकार आने वाले समय में इसपर फीस वसूलेगी। यही नहीं हर एक लेन देन पर भी टैक्स लगाया जायेगा।

सच : भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के सचिव राजीव कुमार ने साफ़ कर दिया है की 20 जनवरी से उपरोक्त सभी मुफ्त सेवाओं को बंद करने का जो झूठ फैलाया जा रहा है ऐसा सरकार का कोई प्रस्ताव नहीं है। वैसे ही नोटबंदी और जीएसटी से पहले ही जनता में थोडा गुस्सा है हालाँकि जनता यह भी समझ रही है की यह दोनों फैसले देशहित में लिए गए है। तो ऐसे में छोटे मोटे ट्रांजेक्शन पर टैक्स लगाकर सरकार कोई गलती नहीं करना चाहेगी। यह विपक्ष और मीडिया द्वारा फैलाया जा रहा है एक झूठ है। ट्रांजेक्शन पर चार्ज करने की यह अफवाह फाइनेसियल एक्सप्रेस अखबार ने फैलाई थी।

झूठ नंबर ४

अफवाह : पिछले दिनों के जो एक अफवाह सबसे जादा फैलाई गयी थी वो यह की डिजिटल इंडिया के चलते सरकार नकद लेन देन को कम करना चाहती है इसी की अगली कड़ी में सरकार चेक से लेन देन को जल्द बंद करने वाली है। मौजूदा वक्त में बड़े राशी का लेन देन चेक से किया जाता है लेकिन जल्द ही इसे ऑनलाइन किया जायेगा और चेक को पूर्णता बंद कर दिया जायेगा। जी न्यूज द्वारा सबसे पहले इस खबर को दिखाया गया था।

सच : वित्त मंत्री अरुण जेटली ने खुद इस बात की पुष्टि की है की चेक बुक से लेन देन बंद करने की सरकार की फिलहाल कोई योजना नहीं है। चेक बुक पहले की तरह ही चलते रहेंगे। इससे सरकार को कोई तकलीफ नही है और ऐसा कोई प्रस्ताव मौजूदा वक्त में सरकार के सामने नहीं है।

झूठ नंबर ५

अफवाह : पिछले कुछ दिनों से मीडिया में छाया हुआ है की बैंकों में आपका पैसा कभी भी हो सकता है जब्त। सरकार संसद में एक बिल ला रही है जिसका नाम है FRDI बिल जिसमें सरकार बैंकों को यह अधिकार देगी की बैंक खाताधारकों के जमा पैसे कभी भी जब्त कर सकती है।

सच : वित्त मंत्री ने यह साफ़ कर दिया है की बैंकों में रखा आपके पैसों पे कोई आंच नहीं आने वाली है। जनता का पैसा बैंकों में पूर्णता: सुरक्षित रहेगा। और ऐसे अफवाहों से जनता को बचना चाहिए क्योंकि ऐसी अफवाहें जनता में रोष पैदा करती है और जिससे जनता गुमराह होने लगती है। इसीलिए ऐसी अफवाहों पर सफाई देना बहुत जरुरी था जो वित्त मंत्री ने कुछ अफवाहों पर सफाई देकर साफ कर दिया।

उपरोक्त यह वही कुछ अफवाहें है जो आजकल सोशल मीडिया समेत पूरे बड़े मीडिया हाउस में भी छाये हुए है जो जनता को गुमराह कर रहे है। जिससे एक भ्रम पिया किया जारहा है जनता में जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना पद सकता था। यही कारण है की वित्त मंत्री अरुण जेटली और वित्त सचिव कुमार को सामने आकार सफाई देनी पड़ी। ताकि जनता सचेत रहे है और सावधान रहे दिग्भ्रमित ना हो। ऐसी अफवाहों का सीधा कनेक्शन आने वाले चुनावों से है यह कहना गलत नहीं होगा।

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