मत

विश्लेषण

कपिल मिश्रा का आम आदमी पार्टी पर बड़ा प्रहार

कपिल मिश्रा आम आदमी पार्टी

कांग्रेस के नेतृत्व में 10 साल के भ्रष्टाचार का विरोध करने के लिए जो देश व्यापी आन्दोलन किया गया था उस आन्दोलन से एक पार्टी निकली जिसका नाम है आम आदमी पार्टी। कहने को तो आम आदमी पार्टी भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए बनी थी लेकिन अपने जन्म के 2 साल के भीतर-भीतर इस पार्टी ने भ्रष्टाचार के ऐसे रिकॉर्ड बनाये की दिल्ली को ही नहीं देश को  भी सोचने पर मजबूर कर दिया की वाकई ये पार्टी भ्रष्टाचार को जड़ से मिटाने आई थी या भ्रष्टाचार की नयी परिभाषा गढ़ने आई थी । भ्रष्टाचार के आरोपों में आम आदमी पार्टी के एक-एक करके तमाम नेता जेल की हवा खा चुके है लेकिन केजरीवाल जी जो प्रधानमंत्री मोदी से छोटी-छोटी बात पर इस्तीफा माँगा करते थे, नैतिकता के आधार पर कभी इस्तीफा देने की हिम्मत नहीं दिखाई।

केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के लिए मुसीबत दिनों-दिन बढती ही गयी जब दिल्ली के पूर्व जल मंत्री कपिल मिश्रा को पद से हटाया गया और अगले ही दिन कपिल मिश्रा ने केजरीवाल और पार्टी के तमाम घोटालों और अंदरूनी कलह को बहार लाकर रख दिया। प्रेस कांफ्रेंस करके कपिल ने अनेक घोटालों की परतें खोली थी और सबूत होने का दावा भी किया था। तब-से लेकर आज तक कपिल आम आदमी पार्टी के गले की हड्डी बने हुए है। एक बार फिर कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी के तीन वर्ष पूर्ण होने पर उनके लिए नई परेशानी कड़ी कर दी है।

कपिल मिश्रा ने खोला सरकार के कामों का कच्चा चिट्ठा, बजट में घोषित 1700 करोड़ में से एक भी पैसा खर्च नहीं किया गया

अब कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी के बजट में खर्च होनेवाले रुपयों पर एक नया खुलासा किया है। उन्होंने इसकी जानकारी ट्विटर पर भी शेयर कि है। आम आदमी पार्टी के बागी विधायक व् पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने आम आदमी पार्टी के विकास कार्यों का कच्चा चिट्ठा खोलकर रख दिया है। दिल्ली सरकार के 3 साल पूरे होने पर जहाँ दिल्ली सरकार के मंत्री और नेता पूरे दिल्ली भर में विकास यात्रा निकाल रहे है वही कपिल मिश्रा ने दावा किया है की बजट में घोषित विकास कामों के लिए 17000 करोड़ रुपयों में से एक भी रुपया विकास काम के लिए खर्च नहीं किया गया है। यहाँ तक परियोजनाओं को शुरू करने के लिए टेंडर तक नहीं निकलें गए है। पिछले बजट में घोषित किये गए 49 प्रोजेक्ट वैसे ही लटके रहे उनपर कुछ काम नहीं किया गया है।

कपिल मिश्रा ने प्रेस कांफ्रेंस कर दावा किया है की शिक्षा विभाग की 18 परियोजनाएं ठप्प पड़ी हुई है जिसपर कुछ काम नहीं हुआ है। स्वस्थ विभाग की 4 परियोजनाएं शुरू ही नहीं की गयी है। परिवहन और PWD की 10 परियोजनाएं केवल कागजों में जमा हो गए है। जल बोर्ड के 4 प्रोजेक्ट रुके हुए है। ग्रामीण विकास बोर्ड के सिर्फ 46 करोड़ रुपये के काम किये गए है। बजट में घोषित यमुना रिवर फ्रंट पर काम होना तो दूर इसपर अबतक एक बार मीटिंग तक नहीं ली गयी है। कुल मिलाकर बहुत से गंभीर आरोप लगाये गए है।

कपिल मिश्रा द्वारा आम आदमी पार्टी की हर क्षेत्र और हर मंत्रालय की विफलताओं को गिनाया गया जिसमें कुछ इस प्रकार है : 

स्वास्थ्य विभाग :

–> 1000 मोहल्ला क्लिनिक खुलने थे लेकिन खुले सिर्फ 105 मोहल्ला क्लिनिक

–> 150 पुल्ली क्लिनिक का निर्माण होना था लेकिन केवल 16 पुल्ली क्लिनिक बनाये गए

–> अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या 10 हजार से बढ़ाकर 20 हजार करने की योजना थी जो घटकर 9500 हो गई

–> दिल्ली के हर नागरिकों को हेल्थ कार्ड देने की योजना फाइल धरी रह गई

शिक्षा विभाग :

–> 162 करोड़ रुपयों की लागत से स्कूलों में कंप्यूटर लगने की योजना हुई फ़ैल

–> 24 नए स्कूल खोलने की योजना हुई ठप्प

–> फिजिकल एजुकेशन की 110 नई पोस्ट अभी भी खाली

–> 156 प्रीप्राइमरी स्कूल खोलने की योजना ठप्प

–> NSIT, DTU, IIITD का विस्तार होना था जो की नहीं हुआ

–> हाई क्वालिटी टीचर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट का निर्माण होना था जो अबतक नहीं हुआ

ग्रामीण विकास बोर्ड :

–> 600 करोड़ रुपये आबंटित केवल 46 करोड़ रुपये के टेंडर निकाले गए

–> बिना टेंडर और NOC के 450 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को मंजूरी

–> 554 करोड़ रुपये खर्च ही नहीं किये गए

–> गाजीपुर एवं मॉडर्न मार्किट का निर्माण कार्य शुरू भी नहीं हुआ

–> ई-मेडी प्रोजेक्ट पर कुछ काम नही किया गया

ट्रांसपोर्ट और PWD विभाग :

–> 736 नई बसें खरीदने की योजना अबतक लटकी

–> DTC की हर बस में इलेक्ट्रॉनिक टिकेट सिस्टम लगाने की योजना ठप्प

–> मेट्रो ट्रेन फेज-4 को लेकर कोई कम शुरू नही हुआ

–> आश्रम चौक से मथुरा रोड अंडरपास बनाने की योजना का टेंडर तक नहीं निकाला गया

–> वारापुला फेज-3 का काम अधर में लटका

जल बोर्ड विभाग की असफलताएं :

–> हर झुग्गी में पानी कनेक्शन देने की योजना थी, एक भी झुग्गी में कनेक्शन नही पहुंचा

–> 200 अनाधिकृत कॉलोनीयों में पाइप से पानी पहुँचाने की योजना में से केवल 10 कालोनी में पानी पहुंचा

–> नजफगढ़ नाले पर इंटरसेप्टर प्रोजेक्ट को सरकार ने रोक दिया

पर्यटन विभाग :

–> टूरिज्म पालिसी और मास्टर प्लान पर कोई काम शुरू नही हुआ

–> फिल्म शूटिंग के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम पर कोई काम शुरू नही किया गया

–> यमुना रिवर फ्रंट के 5 किमी के प्रोजेक्ट पर एक बार भी मीटिंग नही ली गई

पर्यावरण विभाग :

–> 20 एयर क्वालिटी स्टेशन का निर्माण होना था, एक का भी नहीं हुआ

–> वाइल्ड लाइफ रेस्क्यू सेंटर का निर्माण का काम शुरू भी नही किया गया

हाउसिंग और स्लम विभाग :

–> 11000 टॉयलेट बनने थे केवल 3000 टॉयलेट बनाये गए

–> केंद्र सरकार के फण्ड से 5 रैन बसेरा का निर्माण होना था, एक का भी नहीं हुआ

अन्य परियोजनाएं जिसपर कोई काम नही हुआ :

–> 10 नाईट शेल्टर में स्किल डेवलपमेंट परियोजना होनी थी, कुछ नहीं किया गया

–> वरिष्ठ नागरिक योग की स्थापना पर अबतक कुछ भी काम नही किया गया

–> मिड डे मील और नैपकिन का 71 करोड़ रुपये का फण्ड लेप्स हो गयाइससे पहले आम आदमी पार्टी की सरकार पर लगे थे भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप :

अब तक आम आदमी पार्टी के मंत्रियों पर एक के बाद एक तमाम छोटे-बड़े घोटालों के आरोप लगते रहे है, साबित भी होते रहे है और जेल जाने की तो मानो प्रथा ही हो गई है। चाहे वो फर्जी डिग्री मामला हो या किसी महिला का राशन कार्ड बनाने वाला मामला हो या टैंकर घोटाले का हो डीटीसी बसों घोटालों का हो, शुंगलू रिपोर्ट का हो, बीवी को कुत्तों से कटवाने का हो, मोहल्ला क्लिनिक का हो, एक करोड़ के समोसे का हो या 16 हजार की थाली का हो, लाभ के पद का मामला हो, बंगला आबंटन का मामला हो, सत्येन्द्र जैन के घोटाले का मामला हो या स्वाति मालीवाल का हर क्षेत्र में आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने जन्म के 2-3 साल के भीतर ही भ्रष्टाचार के नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए है। ताज्जुब की बात है इतने भ्रष्टाचार होने के बाद भी जमीन पर कुछ भी काम होता दिखाई नहीं दे रहा है। इसी का काला चिट्ठा कपिल मिश्रा ने अपने बयानों में खोल के रख दिया है।

आम आदमी पार्टी सरकार के अनेक घोटालों, अनियमितताओं पर मीडिया की चुप्पी

इस सब पर हैरानी वाली बात यह है इन तमाम एक से बढ़कर एक घोटाले के बाद भी कभी मीडिया के पोस्टर बॉय रहे अरविन्द केजरीवाल की पार्टी के खिलाफ मीडिया आज भी किनारा करना ही बेहतर समझती है। इतने घोटालों में आप सरकार के मंत्री शामिल रहे, यही नहीं अनेक तरह की अनियमितताओं के बावजूद मीडिया ने कभी इसपर न कोई प्राइम टाइम चलाया न इसपर कोई रिपोर्ट दिखाई। मतलब अब भी मीडिया के लिए केजरीवाल उनके 2019 के लिए लिस्ट में शामिल है। वरना क्या कारण हो सकता है की एक से बढ़कर एक घोटाले और जमीन पर काम नही होता दिखने के बावजूद मीडिया शुतुरमुर्ग की तरह जमीं में सिर घुसाए बैठी है और तमाम आरोपों पर किनारे किये हुए है। इनमें से एक भी आरोप अगर बीजेपी शासित किसी राज्य में लग जाता तो यही मीडिया उसे 24 घंटे चैनल पर दिखाती।

पिछले वर्ष शुंगलू मिटटी ने अपने रिपोर्ट में केजरीवाल सरकार के तमाम अनियमितताओं की परत खोल के रख दी, लेकिन मीडिया को जैसे सांप सूंघ गया था। बड़ी ही सावधानी पूर्वक मीडिया ने इस रिपोर्ट को किनारे कर, आईपीएल मैचों में खुद को मशगूल रखा। केजरीवाल जी ने इसपर कोई नैतिकता का परिचय देते हुए इस्तीफा देना तो दूर सफाई तक नही दी। अरविन्द केजरीवाल एक अलग तरीके की राजनीति करने आये थे लेकिन इतनी अलग तरीके की करेंगे शायद ही किसी ने सोचा होगा।

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Nitesh Kumar Harne

साहित्य प्रेमी, राजनीति विशारद, गर्वान्वित भारतीय
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