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बीजेपी ने कर्नाटक में सरकार बनाने की कर ली है तैयारी

पीएम मोदी
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कर्नाटक में अभी के रुझान को देखने के बाद तो यही लगता है कि भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस के हाथ से कर्नाटक की बागडोर भी छीन ली है। चुनाव के नतीजों से कांग्रेस और जेडीएस को बड़ा झटका लगा है। चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक कर्नाटक के 222 सीटों पर हुए विधानसभा चुनावों में बीजेपी बहुमत की बढ़त बना चुकी है। बीजेपी के सीएम पद के उम्‍मीदवार बीएस येदियुरप्‍पा एसटी / एससी वर्चस्व वाले पूर्वी बेल्ट के अपने शिकारीपुरा निर्वाचन क्षेत्र में आगे चल रहे हैं। इसके अलावा लिंगायत समुदाय के बीएस येदियुरप्‍पा अपने क्षेत्र में बढ़त बनाए हुए हैं। ऐसा लगता है कि कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने कर्नाटक विधानसभा चुनावों में पार्टी को जिताने के लिए जो प्रयास किये वो सभी नाकाम साबित हुए हैं।

ये पीएम मोदी, अमित शाह और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रैलियों का ही असर है कि कर्नाटक में बीजेपी सभी पार्टियों को पीछे छोड़ सबसे आगे नजर आ रही है। जबकि 14 निर्वाचन क्षेत्रों में राहुल गांधी का अभियान भी इन क्षेत्रों में कांग्रेस नेताओं को आवश्यक नेतृत्व प्रदान करने में नाकाम रहे हैं, पीएम मोदी और मुख्यमंत्री योगी की चुनाव से पहले की रैलियों का ही असर है कि आज बीजेपी अपने अभियान में सफल होते हुए नजर आ रही है। दरअसल, कर्नाटक की जनता ने कांग्रेस व पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी की बजाय बीजेपी और सीएम योगी पर ज्यादा विश्वास व्यक्त किया है। कर्नाटक के जिन क्षेत्रों में सीएम योगी ने रैलियां की थीं उन क्षेत्रों में बीजेपी बढ़त बनाये हुए है। शिरहट्टी जोकि बैलवेदर सीट है यहां भी अभी तक के नतीजों में बीजेपी आगे चल रही है। अभी तक की अन्य सात बैलवेदर सीटों में से बीजेपी पांच सीटों पर आगे चल रही है। बता दें कि इन सीटों पर जिस भी पार्टी ने बढ़त बनाई है कर्नाटक में वही पार्टी सरकार बनाने में कामयाब हुई है। ऐसे में बीजेपी के लिए ये बढ़त कर्नाटक में सत्ता कायम करने के लिए अहम मानी जा रही है।

बगलकोट, सिरसी, हुबली-धारवाड़ सेंट्रल, होल्ली, चित्रदुर्ग और गोकक उन निर्वाचन क्षेत्रों में से हैं जहां बीजेपी के लिए सीएम योगी ने प्रचार किया था। ऐसा लगता है कि राहुल गांधी के ‘जादुई आकर्षण’ से कर्नाटक में कांग्रेस का भाग्य भी प्रभावित हुआ है क्योंकि इन क्षेत्रों में उनके द्वारा की गयीं सभी 14 रैलियों के बावजूद भी यहां कांग्रेस अपनी जीत सुनिश्चित करने में नाकाम हुई है।

ऐसा लगता है कि पीएम मोदी ने जिन क्षेत्रों में बीजेपी के लिए प्रचार किया था वहां वहां जनता ने बीजेपी का स्वागत किया है। तटीय क्षेत्रों से लेकर पूर्वी और उत्तर मध्य क्षेत्रों तक में बीजेपी उम्मीदवारों ने अपना दबदबा बनाये रखा है। पीएम मोदी के लहर का ही नतीजा है कि एसटी/एससी क्षेत्रों के सीटों पर बीजेपी ने आश्चर्यजनक रूप से आगे चल रही है।

मुस्लिम बहुल क्षेत्र जैसे गुलबर्गा में भी भारतीय जनता पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। मुस्लिम वर्चस्व वाली सीटों में बीजेपी उम्मीदवार 40% आगे है ऐसे में कांग्रेस द्वारा विभाजनकारी राजनीति भी फेल हो गयी है क्योंकि मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के लोगों ने जातिवाद से उपर उठकर विकास को वोट दिया है। वहीं, कांग्रेस की आखिरी उम्मीद सोनिया गांधी के प्रचार से भी कांग्रेस को कोई फायदा होता हुआ नजर नहीं आ रहा है क्योंकि बीजापुर में भी भारतीय जनता पार्टी आगे चल रही है।

दोपहर तक सभी क्षेत्रों के रुझान सामने आ जायेंगे। ऐसे में ये नतीजे कर्नाटक में कांग्रेस का भाग्य तय करेंगे। वहीं, कांग्रेस नेता तहसीन पुनावाल्ला की ट्वीटों से ऐसा लग रहा है कि अंतिम नतीजों से पहले ही कांग्रेस ने हार मान ली है क्योंकि अब कर्नाटक में भी कांग्रेस ने अपनी हार का ठीकरा इवीएम पर फोड़ना शुरू कर दिया है।

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