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जेएनयू की शेहला राशिद को मानहानी के आरोप में कोर्ट में घसीटेंगे गडकरी

गडकरी शेहला राशिद
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अभी पीएम मोदी की हत्या की साजिश की खबरें शांत भी नहीं हुई थी कि जेएनयू छात्र कार्यकर्ता और कुख्यात गैंग ‘टुकड़े टुकड़े गैंग’ की सदस्य शेहला राशिद शोरा ने एक ट्वीट कर राजनीतिक महकमे में हलचल मचा दी है। हत्या की साजिश पर अपने ट्वीट में शेहला राशिद शोरा ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और RSS पर पीएम मोदी की हत्या की साजिश का आरोप लगाया और कहा कि वास्तविक अपराधियों को तैयार किया गया था।

हाल ही में भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में माओवादियों का एक पत्र सामने आया था जिसमें ‘हिंदू फासीवाद’ के कथित उदय को रोकने के लिए 2019 के चुनावों के प्रचार अभियान के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की पूर्व पीएम राजीव गांधी की तरह हत्या करने की साजिश की योजना बनाई गयी थी।

ये पत्र भीमा-कोरेगांव हिंसा मामले में पकड़े गये अपराधियों में से एक रोना विल्सन के दिल्ली आवास से बरामद किया गया था जिसने राजनीतिक स्पेक्ट्रम में हलचल मचा दी है। इस पत्र ने विपक्ष को बैकफुट पर ला दिया है और बीजेपी को वापस लड़ने का आधार दे दिया है।

हालांकि, हम इस तरह के तरीकों से अनजान भी नहीं हैं जो शेहला और उनके जेएनयू के सहयोगी चर्चा में रहने के लिए अपनाते हैं लेकिन इसे बेतुका कहना ही सही होगा। किसी के पक्ष का बचाव करना अलग बात है और इस तरह के मामले में बेतुके बयान देना अलग। ये कहना कि नितिन गडकरी और आरएसएस पीएम मोदी की हत्या की साजिश में शामिल हैं और वो इसके द्वारा  मुसलमानों / कम्युनिस्टों को अलग तरह से चित्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। हम उम्मीद करते हैं कि शेहला क्वांटिको देखकर ऐसा नहीं कर रहीं।

ये कहना व्यर्थ नहीं होगा कि बीजेपी के शीर्ष नेता इसे हलके में नहीं लेंगे खासकर नितिन गडकरी जिन्होंने कड़ा जवाब दिया है।

ऐसा कहना कुछ गलत नहीं होगा कि शेहला राशिद ने वही गलती की है जो उनके विचारधारात्मक सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने 2014 में नितिन गडकरी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर किया था, जब गडकरी बीजेपी अध्यक्ष के पद से हटे थे। केजरीवाल ने तब बिना किसी सबूतों के ‘भारत में सबसे भ्रष्ट लोगों’ की अपनी सूची में नितिन गडकरी को शामिल किया था।

इसके बाद नितिन गडकरी ने अरविंद केजरीवाल को कोर्ट में घसीटा था और उनसे कहा था कि या तो वो अपन दावे को सही साबित करें या मानहानि के मुकदमे के लिए तैयार हो जायें। 2018 में आखिरकार अरविंद केजरीवाल ने हफ्ते भर जेल की हवा खाकर, अपने झूठे आरोपों को वापस लिया और अरविंद केजरीवाल ने नितिन गडकरी से माफी मांग ली।

हालांकि, ऐसा लगता है कि शेहला राशिद ने इस घटना से कोई सीख नहीं ली। अपनी घटिया थ्योरी के बचाव में शेहला ने गडकरी पर पलटवार करते हुए कहा, दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के नेता एक व्यंग्यात्मक ट्वीट के खिलाफ कदम उठाएंगे और सवाल किया कि क्या गडकरी उन मीडिया हाउस के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जिन्होंने जेएनयू कार्यकर्ता उमर खालिद पर निशाना साधा था।

गडकरी का अपमान करने वाली वो मीडिया नहीं है जिसने उमर खालिद पर निशाना साधा था ऐसे में गडकरी के पास कोई वजह नहीं है जिससे वो मीडिया हाउस के खिलाफ कोई कदम उठाए। शेहला राशिद के इस ट्वीट से ऐसा लगता है कि वो पहले ही डर गयीं हैं। अब इस मामले में उनकी चिंता तब और बढ़ गयी जब बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने गडकरी से इस मामले में मदद करने का वादा किया।

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Commerce Student from DAV College, Kanpur. Devoted Student of Shivaji, Chandra Shekhar Azad, Subhas Chandra Bose and now Narendra Modi. Patriot by birth, nationalist and straightforward by choice, and singer/writer by passion. Writing for the Inquilab of intellect, because koi bhi Desh perfect nahin hota, use banana padta hai.
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