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विश्लेषण

श्रेणी: व्यवसाय हलचल

सहारा और सुब्रत रॉय का उदय और पतन

सहारा इंडिया परिवार के सुब्रत रॉय उत्तर भारत में ग्रामीण और छोटे शहरों के लोगों के लिए सबसे प्रसिद्ध, प्रशंसनीय और प्रभावशाली मॉडलों में से एक हैं। उनके राजनेता, बॉलीवुड स्टार और क्रिकेटरों के साथ व्यक्तिगत जुड़ाव की वजह से वो हमेशा सुर्खियों में बने रहते हैं। उनकी कंपनी कई वर्षों तक भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट […]

लोन लेने पर रोक के बाद, सेबी ने वीसीपीएल को एनडीटीवी में अपने 52 प्रतिशत अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी के लिए ओपन ऑफर देने का दिया आदेश

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (वीसीपीएल) कहा है कि वो एनडीटीवी में अपने 52 प्रतिशत अप्रत्यक्ष हिस्सेदारी को साबित करने के लिए 45 दिनों के भीतर ओपन ऑफर दे। सेबी भारत में पूंजी बाजार का एक स्वतंत्र नियामक है। जुलाई 2009 में 10 सालों के लिए एनडीटीवी को 350 […]

अर्श से फर्श तक: अनिल अम्बानी के आरकॉम की कहानी

२००० के दशक के प्रारम्भ तक, मोबाइल मात्र अमीरों और शक्तिशाली लोगों का प्रतीक माना जाता था। अमीर लोग बड़ी शान के साथ मोबाइल को अपनी कमर बेल्ट पर लटकाते थे और उन अमीर लोगों के अलावा समाज के बाकी लोग स्वयं को, इस रहस्यमय उपकरण के प्रयोग से वंचित और दूसरों पर आश्रित महसूस […]

पतंजलि आयुर्वेद: सारे बिज़नस गुरु एक तरफ, रामदेव एक तरफ

Patanjali Ayurved – A 5500 Crore Business Empire एक कहावत आप लोगों ने जरूर सुनी होगी कि “घर का जोगी जोगना, दूर गाँव का सिद्ध” मतलब यह कि अपने घर का गुणी आदमी भी निर्गुण व व्यर्थ प्रतीत होता है और दूसरे गाँव/देश का व्यक्ति गुणवान व सिद्ध पुरुष कहलाता है। अब तक यह कहावत […]

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