टीऍफ़आईउवाच

मित्रों, राजनीति और नौटंकी का चोली दामन का साथ है। अजी यह न हो, तो जैसे दाल में नमक नहीं, गाड़ी में पेट्रोल नहीं,...
एक 14 वर्ष के चरवाहे लड़के ने जब अपने पिता से पूछा कि पिता जी ये बारिश क्यों और कैसे होती है? तो पिता...
वामपंथ ही आधुनिक युग का ब्राह्मणवाद है बचपन से ही हम पढ़ते आ रहे हैं कि सदियों पहले से भारत एक ऐसा भू-खंड रहा है...
तुम लोग मच्छर हो।जवाहरलाल के नाम का ये विश्वविद्यालय कायरों की बस्ती है, बीमारी का अड्डा है।अपने आप को प्रबुद्ध समझने वाले ये लोग...
क्या है रे तू मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ या लोकतंत्र के आस्तित्व पर एक कटाक्ष उपालंभ तू निर्भय है या लज्जाहीन तू स्वतंत्र है या पराधीन तू नैतिकता का तराजू है या...
ज़ालिम ज़माने की मार से तंग आकर दिनोंदिन बढती महंगाई से घबरा कर हमने आत्महत्या की सोची फिर सोचा - ज़िन्दगी भूख में कटी है, अब भूखे...